इंडेक्स फंड्स तथा ईटीएफ में से किसे चुनें? किसमें निवेश करना रहेगा सही? जानें दोनों के बारे में

Mutual Fund : इंडेक्स फंड्स तथा ईटीएफ पैसिव म्यूचुअल फंड के दो प्रकार होते हैं तथा इनके भी अपने-अपने फीचर्स होते हैं जिनके बारे में म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले हर एक निवेशक को जरूर पता होना चाहिए।

Mutual Fund

Mutual Fund : पोर्टफोलियो मैनेजमेंट के आधार पर अगर बात की जाए तो म्यूचुअल फंड दो तरह के होते हैं – पहला है एक्टिव म्यूचुअल फंड तथा दूसरा पैसिव म्यूचुअल फंड।

एक्टिव म्यूचुअल फंड उन म्यूचुअल फंड्स को कहते हैं जिन्हें किसी फंड मैनेजर के द्वारा एक्टिवली मैनेज किया जाता है और कब किस शेयर को खरीदना या बेचना है इस बात का निर्णय भी उन्हीं के द्वारा लिया जाता है।

वहीं, पैसिव म्यूचुअल फंड उन म्यूचुअल फंड्स को कहते हैं जिन्हें किसी फंड मैनेजर के द्वारा मैनेज नहीं किया जाता और इन्हें किसी खास इंडेक्स के प्रदर्शन को रेपलीकेट करने के लिए बनाया जाता है।

पैसिव म्यूचुअल फंड्स के भी दो प्रकार होते हैं – पहला है इंडेक्स फंड्स तथा दूसरा है ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स। पैसिव म्यूचुअल फंड्स के इन दोनों प्रकारों की भी अपनी-अपनी खासियत होती है तथा आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे। आइए जानते हैं-

इंडेक्स फंड्स तथा ईटीएफ के बारे में

किसी भी इंडेक्स फंड को पैसिवली मैनेज किया जाता है जिसका मतलब यह होता है कि फंड मैनेजर्स इन्हें इनके इंडेक्स के अनुसार बनाए रखने के लिए इनमें केवल छोटे-मोटे बदलाव या पीरियॉडिक एडजस्टमेंट्स ही करते हैं।

अतः एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार एक इंडेक्स फंड जिस इंडेक्स को ट्रैक कर रहा होता है उसमें उसी इंडेक्स के अनुसार रिस्क तथा रिटर्न मिलने की संभावना होती है।

वहीं, दूसरी ओर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स की बात करें तो ये निफ्टी तथा सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव स्कीम्स होते हैं जिनका उद्देश्य अपने बेंचमार्क इंडेक्स (जिसे ये ट्रैक कर रहे होते हैं) को रिटर्न देने के मामले में पीछे छोड़ना नहीं होता बल्कि उनके जैसा ही बेंचमार्क रिटर्न देने का होता है।

एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड स्टॉक एक्सेंजेस पर लिस्टेड होता है तथा इन्हें किसी भी लिस्टेड कंपनी के शेयर के जैसे ही ट्रेड किया जा सकता है। 

दोनों के बीच में अंतर

इंडेक्स फंड्स तथा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के बीच में भी काफ़ी अंतर होता है। आइए जानते हैं इनके बीच के अंतर को-

किसी भी इंडेक्स फंड में निवेश करने के लिए एक निवेशक को किसी डीमैट अकाउंट की कोई आवश्यकता नहीं होती। वहीं, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में ट्रेड या निवेश करने के लिए एक निवेशक को डीमैट अकाउंट की जरूरत होगी।

इंडेक्स फंड्स का एक्सपेंस रेशियो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स की तुलना में अधिक होता है। वहीं, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स का एक्सपेंस रेशियो इंडेक्स फंड्स की तुलना में कम होता है।

इंडेक्स फंड्स में एक निवेशक को सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के माध्यम से निवेश करने की सुविधा मिलती है लेकिन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश करने के लिए निवेशक एसआईपी मोड का चुनाव नहीं कर सकते।

इंडेक्स फंड्स की कीमत किसी एक्टिव म्यूचुअल फंड की तरह ही दिन में एक बार भारतीय शेयर बाजार के बंद होने के बाद तय की जाती है। वहीं, दूसरी ओर ईटीएफ में एक निवेशक को ट्रेड करने के लिए काफ़ी बढ़िया मौका मिलता है जिससे वे पूरे दिन शेयर बाजार में तत्काल बाजार भाव पर खरीद या बेच सकते हैं।

इंडेक्स फंड्स में निवेशक इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं कर सकते। लेकिन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेशकों को ऐसा करने की सुविधा होती है।  

इंडेक्स फंड्स को निवेशक फंड हाउस के माध्यम से लागू क्लोजिंग नेट एसेट वैल्यू पर रिडीम कर सकते हैं। वहीं, ईटीएफ को सेकेंडरी मार्केट में मौजूदा बाजार की कीमतों पर खरीदा और बेचा जा सकता है जिससे इसके रिडेम्प्शन प्रॉसेस में लचीलापन मिलता है।

इंडेक्स फंड्स पैसिव मैनेजमेंट स्टाइल का पालन करते हैं, जबकि ईटीएफ में दोनों एक्टिव तथा पैसिव मैनेजमेंट स्टाइल का विकल्प होता है जिससे डाइवर्स इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी की अनुमति मिलती है।

उम्मीद है म्यूचुअल फंड से जुड़ी यह एक और जानकारी आपको काफी पसंद आई होगी और इससे भविष्य में आप एक समझदार तथा जानकार निवेशक बन पाएंगे और म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए एक बेहतर म्यूचुअल फंड चुनकर उसमें बेहतर तरीके से निवेश कर पाएंगे।

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डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है तथा यह किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह नहीं देता। इस आर्टिकल के माध्यम से फाइनेंशियल वर्ल्ड ऑनलाइन वेबसाईट आपको किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह नहीं देता। फाइनेंशियल वर्ल्ड ऑनलाइन वेबसाईट आपको किसी भी तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श लेने की सलाह देता है। म्यूचुअल फंड में किसी भी तरह के नुकसान के लिए फाइनेंशियल वर्ल्ड ऑनलाइन वेबसाईट या इसके लेखक किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं होंगे।

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