Gold Mutual Funds : गोल्ड म्यूचुअल फंड्स उन म्यूचुअल फंड्स को कहते हैं जो सीधा या किसी और तरीके से गोल्ड रिजर्व्स में निवेश करते हैं। जिस तरह से इक्विटी तथा डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना सही होता है उसी तरह से गोल्ड म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश करना एक सही विकल्प हो सकता है।

Gold Mutual Funds : म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर निवेशकों को यही लगता है कि वे या तो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं या फिर डेट म्यूचुअल फंड में। लेकिन ऐसा नहीं है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाला हर एक निवेशक चाहे तो गोल्ड म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकता है।
जिस तरह से इक्विटी म्यूचुअल फंड्स शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के शेयर में पैसा निवेश करते हैं, डेट म्यूचुअल फंड्स (Debt Mutual Funds) सरकारी बॉन्ड्स इत्यादि में पैसा निवेश करते हैं उसी तरह से गोल्ड म्यूचुअल फंड्स उन म्यूचुअल फंड्स को कहते हैं जो सीधा या किसी और तरीके से गोल्ड रिजर्व्स में निवेश करते हैं।
यह एक तरह से गोल्ड ईटीएफ के द्वारा प्रदान किए गए यूनिट्स के आधार पर एक ओपन-एंडेड इंवेस्टमेंट्स होते हैं। इक्विटी तथा डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के जैसे ही गोल्ड म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश करना एक सही विकल्प हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे-
क्या होते हैं गोल्ड म्यूचुअल फंड्स?
सबसे पहले अगर बात की जाए गोल्ड म्यूचुअल फंड्स कि तो गोल्ड म्यूचुअल फंड्स उन म्यूचुअल फंड्स को कहते हैं जो सीधा या किसी और तरीके से गोल्ड रिजर्व्स में निवेश करते हैं। इसमें गोल्ड को प्रोड्यूस या डिस्ट्रीब्यूट करने वाले सिंडिकेट्स के स्टॉक्स, फिजिकल गोल्ड या माइनिंग कंपनियों के शेयर में निवेश किया जाता है।
यह एक तरह से बिना सोना खरीदे सोने में निवेश करने के जैसा होता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड्स गोल्ड ईटीएफ के द्वारा प्रदान किए गए यूनिट्स के आधार पर एक तरह से ओपन-एंडेड इंवेस्टमेंट्स होते हैं।
कई निवेशक गोल्ड म्यूचुअल फंड्स का इस्तेमाल अपने निवेश पोर्टफोलियो को आर्थिक झटके से बचाने के लिए बचाव के तौर पर भी करते हैं जिसके लिए वे अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाते हैं और 10% से 20% तक का निवेश गोल्ड फंड में करते हैं जिससे वे खुद को उतार-चढ़ाव वाले बाजार से बचा सकें।
क्यों गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक सही विकल्प हो सकता है?
गोल्ड म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना एक सही विकल्प इसलिए हो सकता है क्योंकि यह निवेश अवधि के दौरान धन अर्जित करता है और बाजार में गिरावट के खिलाफ सुरक्षा भी प्रदान करता है।
सोने की कीमत में हर समय बदलाव होते रहता है तथा इन बदलती कीमतों के कारण इसके अंतर्निहित शेयरों का प्रदर्शन भी अक्सर बहुत अलग देखने को मिलता है। जैसे कि अगर ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत में मामूली बदलाव भी आता है तो इसके स्टॉक के रिटर्न में काफ़ी अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि एक बढ़िया गोल्ड म्यूचुअल फंड का रिटर्न फिजिकल गोल्ड की वास्तविक कीमत से भी अधिक हो सकता है जिस वजह से इसमें निवेश करने से निवेशकों को एक बढ़िया मौका मिल सकता है।
अगर कोई निवेशक लंबी अवधि के गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करता है जो कि 8 साल या उससे अधिक की अवधि का होता है तो उसमें मिलने वाले रिटर्न को मौजूदा बाजार की सोने की कीमतों के आधार पर कैलकुलेट किया जाएगा और अगर रिडेम्पशन के समय सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती है तो इससे निवेशकों को काफ़ी बढ़िया रिटर्न भी मिल सकता है।
उम्मीद है गोल्ड म्यूचुअल फंड से जुड़ी यह जानकारी आपको काफी पसंद आई होगी और इससे भविष्य में आप एक समझदार तथा जानकार निवेशक बन पाएंगे और म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए एक बेहतर गोल्ड म्यूचुअल फंड चुनकर उसमें बेहतर तरीके से निवेश कर पाएंगे।
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